माँ की जुबानी

मेरे घर आई एक नन्ही परी – रानी । तुम बहुत जल्दी हो गयी बड़ी “रानी” मेरे महलों की रानी । ऐसे हमने सोचा था इसलिए नाम दिया तुम्हारा रानी! बेटी होगी हमको लगा था पापा की दुलारी, आपकी मुस्कान शुरू से ही थी इतनी प्यारी। सूरज की किरण जैसे एक मुस्कान लिए तुम आई और हम तुमको पाकर फुले नहीं समाए थे। नानी और नानू तो क्या, मामू के चेहरे पर भी खूब बड़ी मुस्कान आई थी। नानी ने शहर में डंका बजवाया था। कोई बात नहीं बेटी हुई हमारे घर नानी घूमती और कहती ख़ुशी से “मेरी बेटी की बेटी हुई है! ऐसे पूरे शहर में लड्डुओं का थाल बंटवाया था। तुम्हारी सबसे अच्छी सहेली होगी, ये मुझको बतलाया था।
दादा दादी तुमसे मिलने दिल्ली से आए थे। चाचू तुम्हारे लिए खूब खिलोने ले थे। कौशल्या आंटी को तुमने रात भर खूब जगवाया था। कौशल्या आंटी को पहले मैंने अपने जन्म के बाद में रानी ने अपने जन्म में खूब जगवाया था। दादू के inputs ने तुमको स्कूल की प्रतियोगिता में कितने ही मैडल जितवाए थे। नानी के साथ पार्क में तुम जाया करती थी। खूब उनको अपने साथ दौड़ाती थी। सहेलियों के साथ खूब kitchen – kitchen खेलती थी।
मेरा kitchen तेरे किचन से अच्छा है। ऐसा तुम बतलाती थी। मामी और मामू से भी खूब लाड करवाया तुमने। मामी से खूब खिलोने खरीदवाया। कितने सालों तक मामू ने तुमको अपने कन्धों पर घुमाया। तुम्हारा पहला पालना भी मामू ही लाए थे।
दादी की पछायी, पीछे – पीछे उनकी घूमती। दादी फुल्का सेकती तो तुम दौड़ दौड़ कर सबको खिलाती। दादी वृन्दावन से आती तो सीधे तुम्हारे kitchen में आती। दादू को चाय तुम्हीं पिलाती। क्या खाओगे दादू बोल कर पूरा menu तुम सुनाती। अपने kitchen में फूल और पत्तियों की सब्ज़ी बनाती। अब जब दादू दादी तुम्हारे घर आएंगे एक पूरा नया kitchen पाएंगे। अब फुल्के भी तुम बनाना, खाना भी तुम पकाना, प्यार से अपने दादू – दादी को खिलाना। My kitchen is the best इस बात को साबित कर देना। चाची मिलने आती थी। खूब बातें सुनती गौर से और सुनाती थी।


तुम्हारी सबसे पहली सहेली “नित्या” की तो बात ही निराली। दोनों खेलते हुए झगड़ते थे। तुम दोनों को उठा कर मनानां होता था। टेबल के नीचे घर बनाते सारा सामान मेरा वहीँ ले जाते। पकडे जाने पर ढेरों माफ़ी मांगते और एक दूसरे पर इलज़ाम लगाते। राजन! रानी के best kept secrets इनसे तुम्हें मिल जायेंगे। अगर तुम्हें पता चला …क्या तुम मुझे बताओगे? मेरे पीछे – पीछे भागती थी, दिन भर कभी रंगोली कभी डांडिया कभी अपनी फरमाइश पूरी करवाती थी kitchen में। अब तो instagram से update मिल जाता है। i will call you back करके एक मैसेज आता है। लेकिन तुम्हारे घर चेन्नई की चाय बड़ी अनोखी है। अब हाथ पकड़कर तुम road cross करवाती हो तो बड़ा मज़ा आता है। मेरी रानी अब सयानी हो गयी। यही बार -बार लगता है। राजन को तुम जब कहती हो “i dont know how she manages to travel alone . यह सुन कर आँखें भर आती हैं।
पर रानी, i am never alone , you are always in my soul zone and now pluto is also right . हमारे पास तो अब प्यारा प्लूटो भी है ( हमारा कुत्ता) . जब बेटियां होती हैं बड़ा संजो के रखना चाहिए। बड़ी जल्दी बड़ी हो जाती हैं। तुमने हर चीज़ अपना जल्दी किया. २० दिन में अपना सर उठाया ।१० महीनों में चल कर दिखाया। अपने पहले जन्मदिन में सबको खूब बहलाया। एक्सपेरिमेंट तो करना ही होता है। सब सीधे तो तुम उल्टा करती थी। आज भी आगे खाई है तो तुम ज़रूर देखोगी। फिर पापा को उस पार पाओगी। एक रस्सी के साथ और प्यार से उस रस्सी पर चढ़ जाओगी। अब यही तकनीक राजन को सिखाएंगे और रस्सी का एक छोर पकड़ कर इसको अपने साथ बिठाएंगे। जब खाई है, खाई है बोलोगे बेटा वह तो जायगी ही रस्सी पकड़ना सीख लो।


तुम्हे सीने से लगाकर, कितने साल पापा ने सुलाया, खुद रातों को जागकर, तुम्हे हँसता हुआ सुबह पाया। तुम पापा के सारे दोस्तों से अपनी सेवा करवाती थी जो तुमको मिलने आता तुम इतनी चंचल मोहिनी की सब घायल हो जाते थे। “बेटा जैसी बेटी है मेरी ” पापा ने यह कभी नहीं कहा था। मेरी बेटी मेरा गुरूर है उन्हें हर वक़्त यही लगा था। फौजी पापा की ब्रेव बेटी बन्दूक तानकर खड़ी हो जाती अपने पापा के साथ गाड़ी में बैठकर सीमा के पास चली जाती थी। कभी केक बनाना ,कभी गोल्फ खेलना ,कभी दौड़ लगाना ,तो कभी रस्सी फाँदना। पापा की गुडिया की बहुत लम्बी है कहानी । अब पापा ने अपनी गुडिया की परियों के जैसी शादी है करानी।
शादी के चादर से लेकर चुनरी तक सबने हमारा साथ दिया। हमारे ख़्वाबों को सबने पूरा किया है। सब आये हैं हमारा मान बढ़ाया है। मेहँदी तुमको तुम्हारी सहेलियों और बहनों ने लगाई। कभी जाती नहीं हैं, न दिल से, न घर से, न दिमाग से। बेटियां तो होती हैं अपनी। कौन कहता है परायी होती हैं। सालियाँ तो रेडी हैं भाई, राजन! तुम तैयार रहना बेटा । कल तो तुम्हारी खैर नहीं। सब की सब खड़ी हो के टोल टैक्स मांगेंगी! तुम्हें रास्ते में रोक के खड़ी मिलेंगीं। तुम्हारे जूते छुपकर तुमसे पैसे मांगेंगी। तो ज़रा रेडी रहियेगा आप।


लेकिन किस्मतवाले होते हैं जिनकी होती हैं इतनी सलियाँ।कुछ आशीर्वाद मौसी औ मौसाजी भी लाये हैं। कुछ लोग हैं घर के जो हमारे ज़िन्दगी में नहीं है मगर रानी के जीवन में मायने रकते हैं उनकी याद किये बिना आज का दिन अधूरा होगा! रानी ! ध्यान से देखना सितारों में वो मुस्कुराते नज़र आएंगे!
मासियों और बुआएँ कल तुम्हें हल्दी लगाएंगी, अपने अपने रंगों में तुमको सजाएंगी! सुबह जब चूड़ा होगा, मां और मामियोंकी होगी एक बड़ी सी टोली। ऐसे ही एक दिन बरसों पहले उठी थी मेरी डोली।


बड़ों की छाया में मेरी बेटी की डोली आज जायगी। मेरी बेटी एक नए परिवार में जुड़ जायगी ।एक बहुत खूबसूरत परिवार के साथ ज़िन्दगी शुरू करेगी।
आज यहाँ हमारे प्रांगण में सारे पारिवारिक मित्र आये हैं। अगर मैं पूरी लिस्ट लगाऊं तो आप सब उसमे समाये हैं। दुनिया के हर छोर से आशीर्वाद देने। हमारी पूरी ज़िन्दगी की पूँजी आज यहाँ मेरे आँगन में बैठी है। धन्यवाद हर एक का हृदय से मेरे। मेरे एक मित्र ने कहा यहां आप डेकोरेशन कम कर रहे हैं? मैंने जवाब दिया – रुकिए! रुकिए! जब परिवार और दोस्त सब आएंगे डेकोरेशन शानदार सजावट वहीँ लेकर आएंगे! Decoration is about peoples love and affection ! राजन! रानी के साथ एक पैकेज डील है – हम सब भी आएगें।
एक के साथ बहुत फ्री, फ्री, फ्री ! सब से एक अनुरोध है – दोनों को आशीर्वाद देना!
राजन! रानी ये मेरी ज़िन्दगी की पूँजी है, इसको पिरोकर रखना, रिश्तों को संभालकर रखना। God bless you both . एक माँ का सन्देश बेटी की शादी में। एक आशा सबको है – मेरी बेटी रानी बनेगी – दुल्हन बनकर जायगी!

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